Happy Birthday Sachin Tendulkar: तब जिद के चलते जान गंवा सकते थे मास्टर ब्लास्टर, जाने उस दिन का किस्सा

क्रिकेट के तमाम रिकॉर्ड अपने नाम करने में सचिन तेंदुलकर को काफी मेहनत लगी है

सचिन तेंदुलकर बचपन में काफी शरारती थे

आप सचिन तेंदुलकर अपने 48 वें जन्मदिन पर बताते हैं कि वह एक बार बचपन में अपनी जान गवाने पर बचे थे

आइए जानते हैं सचिन तेंदुलकर का वह किस्सा

वह अपने पिता से साइकिल दिलाने का जिद करते थे

जब पिताजी उन्हें साइकिल देने से मना कर दिया और उसे बार-बार टालते गए तब उनकी नाराजगी और बढ़ गई

तब वह बालकनी में खड़े होकर अपने दोस्त की साइकिल चलाते हुए देख ते थे

एक दिन मेरा सिर बालकनी में लगी ग्रिल  में फंस गया मेरी मां बाप को डराने वाला अनुभव था क्योंकि मैं चौथी मंजिल पर था

मैं ग्रील में काफी देर तक फंसा रहा मेरी मां ने खूब सारा तेल डाल कर मुझे मेरे सिर को बालकनी से बाहर निकाला

पिताजी ने पैसे इकट्ठे कर कर मुझे नई साइकिल ला दी लेकिन वह भी एक मुसीबत लेकर आए मेरा नई साइकिल चलाते हुए एक्सीडेंट हो गया और पिता बोले जब तक तो ठीक नहीं हो जाता साइकिल नहीं मिलेगी