स्वयं सहायता समूह में ऋण पुस्तक किसे कहते हैं

अगर आप स्वयं सहायता समूह में जुड़ी हुई हैं और आपको को ऋण पुस्तिका लिखने नहीं आता है तो आज किस आर्टिकल में हम आप सभी लोगों को ऋण पुस्तक की परिभाषा ऋण पुस्तक के फायदे और ऋण पुस्तक कैसे लिखे इन सभी के बारे में बात करेंगे आइए जानते हैं विस्तार से इस आर्टिकल के मदद से पूरी जानकारी

स्वयं सहायता समूह में ऋण पुस्तक किसे कहते हैं

अगर आप सभी महिला स्वयं सहायता समूह में जुड़ी हुई है तो आप सभी लोगों ने अपने स्वयं सहायता समूह में ऋण पुस्तक जरूर देखा होगा जिससे आप सभी महिलाएं जो भी ऋण समूह में लेते हैं उसका लेनदेन पता चलता है अगर आप सभी महिलाओं ने समूह में कभी भी लोन लिया होगा अगर आप ₹100 भी लोन लेती हैं या फिर उससे अधिक रुपए लोन लेते हैं तो आप सभी लोगों के उधार का विवरण ऋण पुस्तिका में ही लिखा जाता है उधार का विवरण लिखे जाने वाले पुस्तक को ऋण पुस्तक करते हैं

स्वयं सहायता समूह में ऋण पुस्तक लिखने के फायदे

स्वयं सहायता समूह में ऋण पुस्तिका लिखने से प्रत्येक स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को यह पता चलता है कि स्वयं सहायता समूह में किस दीदी ने कितना रुपए उधार लिया है कौन सी दीदी ने कितना रुपए जमा किया है कितना रुपए उधार लिया है कौन सी दीदी किस कार्य के लिए कितना रुपए उधार लिया है हर सदस्य कितना रुपए उधार चुका ती है कितना रुपए उधार वापस करती है इन सभी के बारे में पता चलता है ब्याज कौन सी दीदी बकाया रखती है कौन सी दीदी ब्याज देती है कौन समूह में दीदी उपस्थित होकर हमेशा अपना ब्याज और मूल जमा करती हैं कौन सी दीदी जमा नहीं करती है इन सभी विवरण पुस्तिका में सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं देख सकती हैं ऋण पुस्तिका लिखने से सभी महिलाओं को हिसाब सही से पता चलता है हिसाब किताब का सही से पता चलता है

स्वयं सहायता समूह में ऋण पुस्तक लिखने से ध्यान देने वाली बातें

स्वयं सहायता समूह में अगर आप सभी सदस्य किसी भी प्रकार का लोन ले हैं चाहे वह छोटा ऋण हो या फिर बड़ा लीडर आपको 5 पन्ने रखना है पांच पन्ने रखने के बाद सूची में आपको हर सदस्य का नाम रखना है उसके सामने उसके पति का नाम रखना है फिर संख्या लिखना है आपको बता दें कि आप इस नीचे दिए गए सूची के अनुसार अपना विवरण बना सकती हैं

क्रम संख्या

सदस्य का नाम

पति का नाम

लघु ऋण का विवरण पृष्ठ संख्या

बड़ा ऋण  का पृष्ठ संख्या

1.

रानी

राजू

      1-5

51-55

2.

वाणी

वेणु 

        6-10

56-60

3.

रंगम्मा

रमण

      11-15

61-65

4.

नीरजा

रवि 

        16-20

66-70

5.

लक्ष्मी 

शिवा

        21-25

71-75

6.

रमादेवी

गोविंदु  

      26-30

76-80

7.

राधा

रंगारेड्डी

      31-35

81-85

8.

प्रसन्ना

वेमय्या 

      36- 40

86 -90

9.

पद्मावती

श्रीनिवासुलू

      41-45

91-95

10.

प्रमिला

प्रताप

      46-50

96-100

स्वयं सहायता समूह में लघु ऋण की परिभाषा

अगर आप सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं स्वयं सहायता समूह में जुड़ी हुई हैं और आप लोगों ने बड़ा ऋण दिया है बड़े ऋण का मतलब होता है कि ज्यादा पैसे उधार लिए हैं तो उसे लघु ऋण कहा जाता है आप लोगों को मैं बता देना चाहता हूं कि अगर आप सभी लोगों ने जो भी समूह से पैसा लोन लिया हुआ है अगर आप लोगों ने 1 से 5 किस्तों में अगर आप उसे वापस करती हैं तो उस उधार को लघु ऋण कहते हैं

स्वयं सहायता समूह में लघु ऋण का अभ्यास

मान लीजिए कि आप सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने स्वयं सहायता समूह की बैठक में नागन्ना नाम की एक सदस्य दिनांक 14 2001 को बीमार है और वह आपके समूह से ₹200 उधार लेती है एक केस उसका भुगतान करने को कहा जाता है वह दिनांक 29 एक 2001 को असल ₹200 ब्याज ₹4 भुगतान करती है यह सदस्य दिनांक 8 मार्च 2011 को त्यौहार के खर्च के लिए ₹300 कर दो किस्तों में भुगतान करने को कहती है वह दिनांक 06-01-2001 को असल में 150 रुपए और ब्याज ₹6 और 05-07-2001 में 150 रुपए और ब्याज ₹3 भुगतान करती है या सदस्य खेती बारी के खर्च के लिए दिनांक 12-07-2001 को ₹1000 उधार मंजूरी करके 5 किस्तों में भुगतान करने के लिए कहती है और दिनांक 10-08-2011 को असल में ₹200 ब्याज ₹20 भुगतान किया 08-09-2011 को ब्याज भुगतान किया दिनांक 6-10- 2011 को असल में ₹400 से ₹100 भुगतान किया को दिनांक 25-10-2001 को बेटी के पढ़ाई के लिए भुगतान करने के लिए दो किस्तों में कहती है

आप सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इसी प्रकार अपनी ऋण पुस्तक लिख सकती हैं अगर आप सभी लोगों को हमारे इस आर्टिकल कमरे से किसी भी प्रकार की कोई भी जानकारी प्राप्त करनी है तो आप सभी लोग हमें कमेंट कर सकती हैं हम आपका रिप्लाई देने की पूरी कोशिश करेंगे


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