स्वयं सहायता समूह में नौकरी 2022 | स्वयं सहायता समूह में कृषि सखी की नई नौकरी

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए कृषि सखी  की नई नौकरी आ गई है अगर आप सभी महिलाएं इस नौकरी में आवेदन करना चाहती हैं तो आप सभी को हमारा यह आर्टिकल पूरा पढ़ना होगा आइए जानते हैं इस आर्टिकल के माध्यम से पूरी जानकारी विस्तार से
 




स्वयं सहायता समूह में कृषि उद्योग सखी के लिए पात्रता मानदंड

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में जुड़ी अगर आप सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कृषि सखी के पद पर कार्य करना चाहते हैं और कृषि सखी की नौकरी प्राप्त करना चाहती हैं तब आप सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कृषि सखी के पात्रता और मानदंड के बारे में जानना जरूरी है जब तक आप को कृषि सखी से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त नहीं होंगी आप इस पद पर कार्य नहीं कर सकती हैं आइए जानते हैं विस्तार से
1. वह उसी गांव का स्थायी निवासी होना चाहिए।
 
2. कृषि उद्योग सखी की शैक्षिक योग्यता न्यूनतम 5वी 12वीं कक्षा पास होनी चाहिए एवं लिखने और पढ़ने में सक्षम होनी चाहिए।
 
 3. अपने गाँव मे कृषि एवं पशु से संबन्धित संसाधनों का ज्ञान एवं उससे संबन्धित उन्नत क्रियायों का अच्छा ज्ञान हो ।
 
4. उस गाँव मे कृषि या पशु से संबन्धित उद्यम का अनुमान एवं संभावना के बारे में जान हो या जानती हो। 
 
5. चयन की जाने वाली उद्योग सखी के पास अच्छा संचार-प्रसार कौशल होना चाहिए, साथ ही वह एक अच्छी प्रेरक होनी चाहिए।
 
 6. चयन की आने वाली कृषि उद्योग सभी को स्थानीय भ्रमण कर अपनी ग्राम पंचायत में उद्योग विकसित करने में सहयोग देने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।
 
7. चयन की जाने वाली कृषि उद्योग सखी को एनआरएलएम द्वारा आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण और भ्रमण (राज्य के भीतर बाहर) के लिए सदैव तैयार होना चाहिए।
 
8. उसे समुदाय में किसी भी प्रकार के फार्म उद्योग सम्बंधित जागरूकता कार्यक्रम को आयोजित करने की क्षमता होनी चाहिए।
 
9. चयन की जाने वाली कृषि उद्योग सखी की अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष होनी चाहिए। 

स्वयं सहायता समूह में कृषि सखी की भूमिकाएं और उत्तरदायित्व


राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में जुड़ी अगर आप सभी महिलाएं कृषि सखी से संबंधित कृषि सखी की भूमिकाएं और उनका उत्तरदायित्व के बारे में सभी जानकारी प्राप्त करना चाहती हैं तब आप सभी महिलाएं नीचे विवरण पढ़ सकती हैं

प्रत्येक गाँव में कृषि उद्योग सखी की भूमिकाएं एवं उत्तरदायित्व प्रति उत्पादक समूह पर निर्धारित रहेगी।

 1. वह फार्म (कृषि/पशु) आधारित आजीविका गतिविधि को अपनाने के लिए मुख्य रूप से वंचित वर्ग को प्रेरित करेगी।
 
 2. वह व्यक्ति विशेष या समूह को विभिन्न तरह की संस्थाओं के निर्माण, व्यापार चलाने के तरीकों, वित्तीय साक्षरता, सरकारी स्कीम इत्यादी के बारे में जानकारी प्रदान करेगी। 
 
3. वह ग्रामपंचायत के महिला किसानो/व्यक्ति के साथ चर्चा करेगी और गांव में फार्म उद्योग से सम्बंधित उपलब्ध संसाधनों का पता लगाएगी।
 
4. वह फार्म (कृषि/पशु) उद्यम सम्बंधित संभावना का पता लगाएगी, जिसे उसकी ग्राम पंचायत या आसपास किया जा सकता है।
 
5. वह फार्म (कृषि/पशु) व्यापार प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्रदान करेगी। 
 
6. भिन्न स्तर के महिला समूहॉसिंगठन संस्थाओं के सदस्यों द्वारा समूहो/संगठन/संस्थाजो एवं वित्तीय संस्थानों से लिए गए लोन का उपयोग करवाते हुए फार्म (कृषि/पशु) आधारित आजीविका के लिए समूहों /व्यक्तियों को प्रेरित करेगी |
7.वह समूह सदस्यों को फार्म (कृषि) बिजनेस प्लान बनाने एवं फार्म पशु उद्यम हेतु विभिन्न संस्थानों से सहयोग या लोन लेने में की जाने वाली औपचारिकताओं में सहयोग प्रदान करेगी 
 
8. कृषि उद्योग सखी एकल या सामूहिक व्यवसाय या दोनों पर काम करेगो, साथ ही महिला किसानों एवं करेगी उत्पादक समूह सदस्यों को मूल्य श्रृंखला और विपणन के साथ जोड़ने में सहायता 
 
9. वह जिले के भीतर और बाहर भ्रमण में उत्पादक समूह सदस्यों की सहायता करेगी। 
 
10. वह उत्पादक समूह के गठन में समर्थन करेगी।
 
11.आवश्यकतानुसार व्यवसाय के बीमा में सहायता करेगी




स्वयं सहायता समूह में कृषि सखी की चयन प्रक्रिया कैसे होती है

 
1. चयन से पहले, ग्रामसंगठन के पदाधिकारी एवं सदस्यों के साथ एक बैठक बुलाई जाएगी ताकि उन्हें  कृषि  सखी के चयन प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान कर सके। 
 
2. चयन के लिए आजीविका उप समिति के सदस्यों के साथ एक चयन समिति का गठन किया जायेगा सभी एसएचजी को समूह सखी एवं एसएचजी के प्रतिनिधियों के माध्यम से कृषि उद्योग सखी की आवश्यकता बारे में सूचित किया जायेगा।
 
 3. आजीविका उप समिति के सदस्यों एवं भयन समिति द्वारा प्रयन के समय कृषि सखी या पशु फार्म आजीविका सथी को उपयुक्त पाये जाने पर प्राथमिकता दी जा सकती है।
 
4. बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार चयन समिति द्वारा चयन प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। 
 
5. चयनकर्ता वास्तविक आवश्यकता से दुगनी संख्या में कृषि उद्योग सखी का आवश्यकतानुसार प्रतिस्थापन / परिवर्तन की  दृष्टि से चयन कर सकते है जिसकी सूची उनके बैंक के आधार पर बनायी जाएगी एवं अंतिम सूची पांच सदस्यों द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित कर वीओ अध्यक्ष के पास भेजी जाएगी। कृषि सखी की आवश्यकता की संख्या परियोजना की प्रगति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
 
6. अंतिम चयनित सूची से प्रस्तावित व्यक्ति के प्रशिक्षण के लिए प्रथम उम्मीदवार का नाम बीएमएमयू को भेजा जायेगा। 
 
7. प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद कृषि उदयोग सखी को सेवाएं प्रदान करने हेतु सूचीबद्ध किया आयेगा। यह सूचना बौओ के मीटिंग रजिस्टर में भी दर्ज की आएगी।
 
8. कृषि उद्योग सखी को जिम्मेदारी सौंपने के दौरान वीओ द्वारा कार्य प्रदर्शन, भुगतान, प्रोत्साहन मानदंड, डिलिवरेबल्स, प्रदर्शन मूल्यांकन प्रक्रिया कार्य की अवधि और संचालन क्षेत्र जैसी शर्तों के बारे में सूचित किया जाना आवश्यक है।
 
9. बीएमएमयू के परियोजना कर्मचारियों को चयन की पूरी प्रक्रिया के दौरान उपस्थित होना चाहिए और आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करना चाहिए।




स्वयं सहायता समूह में कृषि सखी को मानदेय कितना मिलता है

 
1. फार्म आजीविका सखी को कृषि पाठशालय के माध्यम से सतत कृषि पद्धतियों (मुख्य फसलों में बीज शोधन, श्री विधि, प्रेरणा पोषण वाटिका, भोषण वाटिका, बोरी-बीचा बैकयार्ड कियेन गार्डन, जैविक दवाई व कम्पोस्टानाडेप संरक्षित खेती जीरो जुताई, आच्छादन व फसल चक्र, आदि) पर प्रशिक्षण करने पर रू. 200/- प्रति पाठशाला प्रति माह दिया जाएगा। (कृषि पाठशाला में कम से कम 10 महिला किसानों का होना अनिवार्य है एवं भुगतान हेतु पाठशाला की फोटोग्राफ संबन्धित विवरण एवं समीक्षा के पश्चात किया जाएगा।
2. फार्मसी को प्रति सप्त ऋतु मे सतत कृषि पद्धतियाँ (मुख्य फसलों में श्री विधि बीज शोधन सहित सरक्षित खेती जीरो जुताई, आच्छादन फसल चक्र) पर फसल बैत (प्लाट) विकसित करने पर प्रति परिवार रू. 100/- दिया जायेगा।
3.श्री विधिप्लव सरक्षित खेती प्लाट जीरो जुताई, आच्छादन व फसल चक्र) के रखरखाव हेतु रू. 25/ प्रति परिवार प्रति माह दिया जाएगा।
 4. प्रत्येक घर प्रेरणा पोषण वाटिका) के निर्माण हेतु रु. 250/- दिया जायेगा।
5. प्रति पर पीपीवी प्रेरणा पोषण वाटिका) के रखरखाव के लिए कृषि सधी को 10/- रुपये प्रति माह दिया जायेगा |
6. प्रति घर बैंकचन गार्डन विकसित करने पर 50/- रुपये दिया जायेगा।
7. प्रति घर बैकवर्ड किचन गाईन के रखरखाव के लिए कृषि सखी को 5 रुपये प्रति माह दिया जायेगा।




 

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