स्वयं सहायता समूह में नौकरी 2022 स्वयं सहायता समूह में पशु सखी की नई नौकरी

 स्वयं सहायता समूह में नौकरी 2022 स्वयं सहायता समूह में पशु सखी की नई नौकरी

स्वयं सहायता समूह में पशु सखी की नई नौकरी आइए जानते हैं इस आर्टिकल के माध्यम से आप सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कैसे पशु सखी बन सकती हैं पशु सखी के बारे में पूरी जानकारी आइए जानते हैं इस आर्टिकल के माध्यम से विस्तार से
 

स्वयं सहायता समूह में पशु सखी के लिए पात्रता मानदंड

 

1. इसी गांव के स्वयं सहायता समूह की सदस्य होनी चाहिए। 
 
2. वह अपने ग्राम पंचायत की एक अच्छी पशुपालक होनी चाहिए जिसके पास कम से कम 2 गाय भैसी, पांच भेड़ / बकरी या दस कुक्कुट हो और उसे पशुपालन के बारे में व्यापक ज्ञान होना चाहिए। 
 
3. चयन की जाने वाली पशु सखी के पास पशु हेतु एक अच्छे और स्वच्छ आवास की व्यवस्था होनी चाहिए। 
 
4. पशु स्वास्थ्य / प्राथमिक चिकित्सा पर मूल ज्ञान तथा पशुपालन से संबंधित मुद्दों पर अच्छा जान रखने वाले को प्राथमिकता दी जाएगी ।
 
 5.स्वयं सहायता समूह में पशु सखी चयन की जाने वाली पर सखी को स्थानीय भाषा में लिखने और पढ़ने का कार्यात्मक ज्ञान होना चाहिए, 
6. चयन की जाने वाली पशु सखी के पास अच्छा संचार कौशल होना चाहिए साथ ही वह एक अच्छी प्रेरक होनी चाहिए । जाएगी।
 
7. चयन की जाने वाली पशु सखी को स्थानीय भ्रमण कर अपनी ग्राम पंचायत में पशु पालन में सहयोग देने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए ।
 
 8. चयन की आने वाली पशु सखी को एनआरएलएम दद्वारा आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण और भ्रमण (राज्य के भीतर / बाहर) के लिए सदैव तैयार होना चाहिए । 
 
9. चयन की जाने वाली पशु सखी की अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष होनी चाहिए ।

 

स्वयं सहायता समूह में पशु सखी की भूमिकाएं और उत्तरदायित्व

1. अपने गांव से चुनी गई महिला किसानों के लिए हर महीने पशु पाठशाला आयोजित करना ।
 
 2. प्रत्येक महिला किसान उत्पादक सदस्य के अनुसार आवश्यक जानकारी एकत्र करना एवं पशु संबंधित आकड़ों जैसे पशु आबादी, मवेशियों के प्रकार, दूध उपज, रोग आदि पर नवीनतम जानकारी प्रदान करना । 
 
3. मुख्य रूप से वंचित वर्ग को पशु आधारित आजीविका गतिविधि को अपनाने के लिए प्रेरित करना । 
 
4. ग्राम पंचायत के व्यक्तियों के साथ चर्चा करना एवं पशुओं के लिए गांव में उपलब्ध संसाधनों का पता लगाना 
 
5. वह एक एंटरप्राइज के रूप में लेने के लिए कुक्कुट डिक्री, बकरी, सुअर, ईयरी आदि हस्तक्षेप और ब्याज की संभावना का पताल गाएगी।
 
 6. वह प्रशिक्षण पशुधन प्रचार और प्रबंधन प्रदान करेगी

7. पशुपालन विभाग के समर्थन के माध्यम से पशुओं के पालन के लिए टीकाकरण, डीवमिंग और बुनियादी प्रबंधन पद्धतियों में सहायता प्रदान करेगी। 
 
8. वह मृत्युदर, जन्मदर आदि का रिकॉर्ड और नियमित आधार पर किसानों के कार्ड में दस्तावेज एकत्र करेगी । 
 
9. वह सभी पशुपालकों को मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) और विपणन के साथ जुड़ने में सहायता व प्रोत्साहि करेगी।

10. वह उत्पादक समूह के गठन में समर्थन करेंगे। 
 
11. वह पशु पालकों को पशु बीमा के लिए प्रोत्साहित व आवश्यक सहायता करेगी।


स्वयं सहायता समूह में पशु सखी का चयन कैसे होता है

 

स्वयं सहायता समूह में पशु सखी के चयन से पहले, ग्राम संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्यों के साथ एक बैठक बुलाई जाएगी ताकि उन्हें पशु सखी के चयन प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान कर सके।
  स्वयं सहायता समूह में पशु सखी चयन के लिए आजीविका उप समिति के सदस्यों के साथ एक चयन समिति का गठन किया जाये सभी एस. एच.जी को समूह सखी एवं एस.एच.जी के प्रतिनिधियों के माध्यम से कृषि सखी की आवश्यकता के बारे में सूचित किया जायेगा। इस निर्णय को ग्राम संगठन की कार्यवाही पुस्तिका पर अंकित किया जायेगे।
स्वयं सहायता समूह में पशु सखी बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार चयन समिति द्वारा चयन प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
 
 स्वयं सहायता समूह में पशु सखी  चयनकर्ता वास्तविक आवश्यकता से दोगुना संख्या में कृषि सभी का आवश्यकतानुसार प्रतिस्थापन परिवर्तन की दृष्टि से चयनकर सकते हैं जिसकी सूची उनके रैंक के आधार पर बनायीं आएगी एवं अंतिम सूची पांच सदस्यों द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित कर ग्राम संगठन अध्यक्ष के पास भेजी जाएगी। कृषि सखी की संख्या परियोजना की आवश्यकता व प्रगति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। 
5. स्वयं सहायता समूह में पशु सखी प्रशिक्षण के लिए अंतिम चयनित सूची से, प्रथम उम्मीदवार का नाम सीएलएफ व बीएमएमयू को भेजा जायेगा |
 6. प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद कृषि सखी को महिला किसानों को सेवा प्रदान करने हेतु सूचीबद किया जायेगा। यह सूचना ग्राम संगठन के कार्यवाही पुस्तिका में भी दर्ज की जाएगी।
 7. कृषि सखी को जिम्मेदारी कार्य सौंपने के पूर्व ग्राम संगठन द्वारा कृषि सखी द्वारा किए जाने वाले कार्य, भुगतान प्रोत्साहन मानदंड, प्रदर्शन मूल्यांकन प्रक्रिया कार्य की अवधि और संचालन क्षेत्र जैसी शर्तों के बारे में सूचित किया जाना आवश्यक है।
 स्वयं सहायता समूह में पशु सखी चयन की पूरी प्रक्रिया के दौरान बीएमएम  परियोजना कर्मचारियों को उपस्थित होना चाहिए और आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करना चाहिए।

 

स्वयं सहायता समूह में पशु सखी को कितना वेतन/मानदेय मिलता है 

स्वयं सहायता समूह में पशु सखी को कृषि पाठशाला के माध्यम से सतत कृषि पद्धतियाँ (मुख्य फसलों में बीज शोधन, श्री विधि, प्रेरणा पोषण वाटिका पोषण वाटिका, चोरी-बगीचा बैकयार्ड किचेन गार्डन, जैविक दवाई व साद/वर्गीकम्पोस्टानाडेप संरक्षित खेती औरो जुलाई, आच्छादन व फसल चक्र, आदि) पर प्रशिक्षण करने पर (रु. 200/- प्रति पाठशाला प्रति माह दिया जाएगा।
 
FAQs
 
पशु सखी को मानदेय कितना दिया जाता है
 
स्वयं सहायता समूह में पशु सखी को ₹5000 मानदेय दिया जाता है
स्वयं सहायता समूह में पशु सखी बनने  के लिए महिला की कितनी आयु सीमा होनी चाहिए
स्वयं सहायता समूह में पशु सखी बनाने के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष होनी चाहिए
 
स्वयं सहायता समूह में पशु सखी का चयन कैसे होता है
 
स्वयं सहायता समूह में पशु सखी का चयन तभी होगा जब पशु सखी के पास अच्छा संचार कौशल होना चाहिए स्थानीय भ्रमण कर अपनी ग्राम पंचायत में पशु पालन में सहयोग देने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए ।

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