स्वयं सहायता समूह कैसे बनाएं

स्वयं सहायता समूह बनाने के लिए सभी स्वयं सहायता समूह के सदस्यों का समिति होना चाहिए और उन सभी समूह की सदस्यों के पास आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए जैसे आधार कार्ड फोटो बैंक खाता पासबुक इन सभी दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है और अध्यक्ष सचिव और कोषाध्यक्ष का हस्ताक्षर की जरूरत पड़ती है और साथ ही साथ सभी सदस्यों के हस्ताक्षर की भी जरूरत पड़ती है सभी सदस्यों की सहमति और अध्यक्ष सचिव कोषाध्यक्ष और लेखपाल की सहमति से समूह को बनाया जाता है स्वयं सहायता समूह में जुड़ने के लिए आसपास के सभी महिलाओं की सहमति होनी आवश्यक है आप एक स्वयं सहायता समूह कैसे बनाएं में अपने क्षेत्र से दूर किसी भी अन्य महिला को नहीं जोड़ सकते
 
स्वयं सहायता समूह कैसे बनाएं
स्वयं सहायता समूह कैसे बनाएं

 

स्वयं सहायता समूह की परिभाषा क्या है

स्वयं सहायता समूह किसी गांव के किसी को ले या किसी मोहल्ले में समान एक समान सोच रखने वाले महिलाओं के द्वारा बनाया गया एक अनौपचारिक महत्वपूर्ण संगठन है स्वयं सहायता समूह के सभी सदस्य आमतौर पर एक समान सामाजिक आर्थिक परिस्थितियों वाले होती हैं एवं अपनी इच्छा से एकजुट होकर व सभी महिलाएं आगे बढ़ती हैं



 

स्वयं सहायता समूह बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है

स्वयं सहायता समूह बनाने का मुख्य उद्देश्य है ग्रामीण महिलाओं की गरीबी को दूर भगाना और समूह के सभी सदस्यों को बचत करने के लिए आदत डालना और सामूहिक निर्णय लेने के लिए प्रक्रिया से जोड़ना और अपनी क्षमता अनुसार उन्हें अपना बचत करना और अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए सामूहिक पूंजी का निर्माण करना और छोटे-छोटे की आवश्यकता को पूर्ति को समूह में करना एवं लिए गए ऋण को नियमित समय से वापस करना और एक दूसरे का मदद करना और आर्थिक एवं सामाजिक समस्याओं को सुलझाना यह सभी मुख्य कारण है स्वयं सहायता समूह बनाने के सभी मुख्य उद्देश्य हैं

स्वयं सहायता समूह में जुड़ने से क्या लाभ

स्वयं सहायता समूह में जुड़ने से सभी सदस्यों का विश्वास बढ़ता है स्वयं सहायता समूह में जुड़ने से सभी सदस्यों को रोजगार मिलता है स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से समूह के सभी सदस्यों को नौकरी मिलती है स्वयं सहायता समूह में जोड़ने से सभी समूह की महिलाओं को कम ब्याज पर लोन मिल जाता है जिससे वह अपना कोई भी कार्य कर सकती हैं अन्यथा वह किसी साहूकार के यहां जाकर 5 से 10% लोन लेकर अपना काम करती थी और उस ब्याज में दबी रहती थी सभी समूह की महिलाएं समूह में जुड़ कर आगे बढ़ रही हैं सशक्त हो रही हैं और समूह में नौकरी पाकर अपने लोन को भर भी रही हैं और घर का खर्च भी चला रही हैं




स्वयं सहायता समूह में कौन कौन सी महिला सदस्य बन सकती है

स्वयं सहायता समूह में सभी गरीब महिलाएं समूह की सदस्य बन सकती हैं लेकिन एक बात का कोई महिलाओं को विशेष ध्यान रखना होगा कि एक परिवार में से एक ही महिला सदस्य बने अन्यथा परिवारों में विवाद पैदा होता है अगर किसी परिवार में दो महिला है तो दोनों महिलाओं के दो समूहों में अलग-अलग जोड़ दिया जाए और प्रत्येक महिलाओं की उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए और वह सभी महिलाएं समूह में काम करने के इच्छुक हैं तभी उन सभी महिलाओं को समूह में जोड़ना चाहिए
वह सभी महिलाएं समूह में जोड़ सकती हैं और समूह की सदस्य बन सकती हैं

स्वयं सहायता समूह में जुड़ने के लिए क्या-क्या दस्तावेज लगेगा

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में जुड़ने के लिए सभी समूह की महिलाओं को अपना आधार कार्ड बैंक खाता पासबुक और अपना फोटो देना होता है इन सभी दस्तावेजों को स्वयं सहायता समूह में जुड़ने वाली सभी सदस्यों को अपना अपना यह दस्तावेज देना पड़ता



स्वयं सहायता समूह में बैंक का खाता कैसे खुलता है

स्वयं सहायता समूह में खाता खोलने के लिए सबसे पहले सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एक बैठक करती हैं उस बैठक में सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं निर्णय लेती हैं  कि समूह में बैंक खाता खोलना चाहिए इसके लिए सभी समूह की महिलाएं अपना हस्ताक्षर करती हैं  फिर उस निर्णय में यह साफ-साफ लिखा जाता है कि इस बैंक खाता का संचालन अध्यक्ष सचिव और कोषाध्यक्ष करेंगी और उसके लिए स्वयं सहायता समूह के अध्यक्ष सचिव और कोषाध्यक्ष को अपना पासपोर्ट साइज दो फोटो और साथ ही साथ अपना पहचान पत्र दस्तावेज देती है स्वयं सहायता समूह में अध्यक्ष सचिव और कोषाध्यक्ष के नाम पर बैंक में खाता खुलता है

स्वयं सहायता समूह में कितने प्रकार के पुस्तक होते हैं

स्वयं सहायता समूह में 7 प्रकार के पुस्तक होते हैं जो नीचे निम्नलिखित हैं
 
  1. बैठक प्रस्ताव पुस्तक
  2. उपस्थित और बचत पुस्तक
  3. नगद पुस्तक
  4. ऋण पुस्तक
  5. साधारण खाता बही पुस्तक
  6. मानसिक प्रतिवेदन पुस्तक
  7. सदस्यों का पास पुस्तक





स्वयं सहायता समूह में कितने सदस्य होते हैं

स्वयं सहायता समूह में 10 से 20 के बीच में गरीब महिलाएं होती हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर असहाय महिलाएं होती हैं वह सभी महिलाएं दसवीं पास होती हैं और कुछ ऐसी महिलाएं होती हैं जो दसवीं पास नहीं होती हैं एक स्वयं सहायता समूह में 10 से 20 के बीच में सदस्य होती है जिसमें से तीन उपाध्यक्ष जैसे अध्यक्ष सचिव और कोषाध्यक्ष होती हैं और उनमें से एक लेखपाल होती हैं जो पुस्तक को लिखती हैं

स्वयं सहायता समूह में कौन-कौन सी महिलाएं जुड़ सकती हैं

स्वयं सहायता समूह में गरीब महिलाएं जुड़ सकती हैं जिनकी आर्थिक स्थिति बिल्कुल भी ठीक नहीं है जो महिलाएं अपना भरण-पोषण ठीक से नहीं कर पाती उन सभी महिलाओं को स्वयं सहायता समूह में जुड़कर रोजगार दिया जाता है वह सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का एक समूह होता है वह सभी महिलाएं एक साथ समूह में बैठक करती हैं बचत करती हैं और अपने स्वयं सहायता समूह को चलाती हैं




स्वयं सहायता समूह में  सदस्यों की जिम्मेदारी क्या-क्या होती है

स्वयं सहायता समूह में सभी सदस्यों की जिम्मेदारी होती है कि वह सभी सदस्य हर हफ्ते बैठक में आए और अपना बचत जमा करें और किसी भी बाहरी जानकारी को समूह में बताना और साथ ही साथ किसी भी विवादों को सामूहिक रूप से शांतिपूर्वक निपटाना स्वयं सहायता समूह में किसी ऐसी महिला को प्रतिनिधि चुनना जो समूह की सदस्यों को कोई एक दिशा दे समूह के सदस्यों को नियमित बचत एवं नियमित ऋण वापस करने हेतु प्रेरित करना और साथ ही साथ सदस्यों को अनुषा तमक कार्रवाई का निर्धारण करना और सदस्यों को पदाधिकारियों को बीच में प्रारंभिक संबंध बनाए रखना और समूह में खाता बही को संभाल कर रखना प्रस्ताव के अनुसार बैंक में रकम जमा निकासी कराना और स्वयं सहायता समूह में प्रशिक्षण की आवश्यकता ओं को पता लगाना और साथ ही साथ समूह के प्रस्ताव के अनुसार दूसरी संस्थाओं से बैंक के सरकारी पद अधिकारियों आदि में संपर्क बनाए रखना

स्वयं सहायता समूह का मूल्यांकन कैसे किया जाता है

स्वयं सहायता समूह में मूल्यांकन कैसे करें आइए जानते हैं मैं आप सभी लोगों को बता देना चाहता हूं कि बिना मूल्यांकन के आप समूह में कोई भी उधार देगा तो उसका स्वीकार नहीं कर सकते केवल बैंक ऋण ही नहीं आप कोई भी सुविधा हो कोई ही भी समूह के उसके योग्य है या नहीं इसका ध्यान रखा जाता है समूह के मूल्यांकन से मैं आप सभी सदस्यों को यह बता देना चाहता हूं कि समूह का बैठक नियमित रूप से होना चाहिए बैठक सदस्यों का कम से कम उपस्थिति 80% होना चाहिए समूह का बचत नियमित तौर पर सदस्य के समय के अनुसार बचत देना होता है अगर कोई समूह की महिलाएं बचत जमा नहीं करती है तो उसे दंड  लगता हैआप सभी को बता देना चाहता हूं कि अगर समूह का हिसाब किताब  सही होगा समूह का खाता बही सही होगा समूह का लेखा-जोखा सही होगा समूह का ऋण के पैसा लेन देन सही होगा समूह के आए मूलक कार्य के बारे में सदस्यों को जानकारी होगी समूह की महिलाओं को सदस्यों को नियम और कानून के बारे में जानकारी पता चलेगा और साथ ही साथ समूह में विभिन्न प्रकार की सरकारी और गैर सरकारी और निजी संस्थाओं का नियमित जुड़ाव रखा जाएगा और साथ ही साथ समूह के नियमित रूप से सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेता रहेगा




 

स्वयं सहायता समूह के पंच पुत्र कितने प्रकार के होते हैं

स्वयं सहायता समूह में पंचसूत्र पांच प्रकार के होते हैं जो नीचे निम्नलिखित हैं
 
  • नियमित साप्ताहिक बैठक
  • नियमित साप्ताहिक बचत
  • आंतरिक उधार
  • समय से ऋण और ब्याज वापसी
  • नियमित साप्ताहिक बैठक और लेखा-जोखा

 



स्वयं सहायता समूह का गठन कैसे किया जाता है

अगर आप एक स्वयं सहायता समूह की महिला है तो आप सभी महिलाओं को यह जरूर पता होगा कि एक समूह का गठन कैसे होता है अगर आप सभी महिलाओं को यह नहीं पता तो मैं आप सभी को बता देना चाहता हूं कि एक समूह का गठन तब होता है जब एक ही क्षेत्र के आसपास के सभी महिलाओं जागरूक हो और एक दूसरे से मिलकर 10 से 15 के बीच की महिलाएं जागरूक होकर अपना खुद का स्वयं सहायता समूह बनाएं और साथ ही साथ वह सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपने समूह का गठन के दौरान प्रारंभिक रूप से साथ बैठक समूह को संचालन के तरीकों से चर्चा करें

स्वयं सहायता समूह में कौन से समूह टूट जाते हैं

मैं आप सभी महिलाओं को यह बता देना चाहता हूं कि अगर आप सभी के क्षेत्र में जो भी समूह बनाए जा रहे हैं वह सभी समूह टिकाऊ है कि नहीं क्योंकि आप सभी के क्षेत्र में जो भी समूह बनाए जा रहे हैं क्या सिर्फ दबाव के कारण बनाए जा रहे हैं कि सब उनकी सभी की महिलाओं की सहमति से बनाए जा रहे हैं कि अनदेखी और हड़बड़ी के कारण बनाया जा रहे हैं क्योंकि हर जगह हर क्षेत्र में जो भी समूह बनाए जा रहे हैं वह समूह की महिलाओं को जब उनसे यह पूछा जाता है कि आप का गठन कब हुआ आप का समूह का बना तो उन्हें कोई भी जानकारी नहीं होती है वह सभी समूह टूट जाते हैं कृपया आप सभी महिलाएं अपने समूह को सही से चलाएं 

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