ग्राम संगठन में मासिक प्रतिवेदन किसे कहते हैं 

 एक महीने में ग्राम संगठन का कामकाज पता करवाने वाली प्रतिवेदन को मासिक प्रतिवेदन कहते है।

ग्राम संगठन में मासिक प्रतिवेदन लिखने से क्या लाभ है

1. मासिक प्रतिवेदन से ग्राम संगठन का कामकाज पता चलता हैं।

2. मासिक प्रतिवेदन के आधार से ग्राम संगठन का कामकाज CLF में समीक्षा कर के मूल्यांकन देने के समय आसानी होती है।

3. ग्राम संगठन में बैठक का विवरण पता चलता है।

4. ऋण वसूली और नया ऋण मंजूरी का विवरण पता चलता है।

5. आय व्यय का विवरण पता चलता हैं।

6. ग्राम संगठन के द्वारा किये गये सरकारी योजना और सामाजिक कार्यक्रमों के बारे में पता चलता हैं।

ग्राम संगठन में मासिक प्रतिवेदन लिखने का क्या तरीका है

1. मासिक प्रतिवेदन ग्राम संगठन की सहायिका हर महीने लिखकर ग्राम  संगठन में पढ़कर सुनाना चाहिए।

2. ग्राम संगठन के प्रतिनिधियों के माध्यम से संकुल स्तरीय संगठन (CLF) को भेजना चाहिए 

3. मासिक प्रतिवेदन में ग्राम संगठन बैठक का दिनांक लिखना चाहिए।

4. समूहों का उपस्थिति विवरण लिखना चाहिए।

5. Vo प्राप्त ऋण और ऋण भुगतान को लिखना चाहिए।

6. आय व्यय का विवरण लिखना चाहिए 

7. महीने के अंत में ग्राम संगठन में नगद शेष राषि और बैंक राषि का विवरण लिखना चाहिए। 

8. महीने में ग्राम संगठन बैठक में सूक्ष्म ऋण योजना के माध्यम से जितने भी नये ऋण मंजूर किये गये उस ऋण का विवरण लिखना चाहिए। 

9. ग्राम संगठन में किये गये प्रषिक्षण विवरण को लिखना चाहिए।

10 ग्राम संगठन में किये गये सरकारी योजना और सामाजिक कार्यक्रमों का विवरण लिखना चाहिए। 

11. ग्राम संगठन के मोहर लगाकर दायें तरफ प्रतिनिधियों का हस्ताक्षर करवाना चाहिए। 

12. ग्राम संगठन के सहायिका का हस्ताक्षर बायें तरफ करना चाहिए।

13. कार्बन पेपर उपयोग करके दो कॉपी तैयार करके पहला कॉपी CLF को भेजना चाहिए और दूसरा कॉफी ग्राम संगठन में रखना हैं।

 14. ग्राम संगठन का ऋण D.C.B और बैंक ऋण D.C.B का पत्र को लिखकर मासिक प्रतिवेदन के साथ चिपकाना है और उस प्रतिवेदन को संकुल स्तरीय संगठन को भेजना चाहिए

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